अयविरा जर्नल / परंपरा
खाने के बाद एक ताज़ा घूँट: पुदीने वाली चाय की आदत
खाने के बाद ताज़गी भरे अंत की भारतीय परंपरा।

भारतीय खाने के आख़िर में अक्सर एक छोटी सी रस्म दिखती है: सौंफ की कटोरी, मिश्री के दाने, पुदीने की एक टहनी। यह खाने का पूर्ण विराम है।
इसी जगह एक गरम, ताज़ा कप बहुत सुंदर लगता है।
खाने के बाद की चाय
पवनसुधा में रूइबॉस, स्पीयरमिंट, अदरक, नींबू का छिलका, काली मिर्च और पुदीना है। यह प्राकृतिक रूप से कैफीन-रहित है, इसलिए देर रात के खाने के बाद भी पी सकते हैं।
- पुदीनाMint

- स्पीयरमिंटSpearmint

- अदरक के टुकड़ेGinger bits

इसे अपनी आदत बनाइए
- केतली और कप मेज़ पर ले आइए।
- सब अपनी चाय ख़ुद डालें और थोड़ी देर और बैठे रहें।
- फ़ोन दूर रखिए और बातों को चलने दीजिए।
अयविरा की चाय एक खाद्य उत्पाद है, दवा नहीं। इसका मक़सद किसी बीमारी की पहचान, इलाज या रोकथाम करना नहीं है। सामग्रियों के बारे में यहाँ जो बातें कही गई हैं, वे उनके पारंपरिक इस्तेमाल और प्रकाशित स्रोतों पर आधारित हैं। वे आम जानकारी के लिए हैं, हमारी चाय के बारे में सेहत से जुड़े दावे नहीं हैं। गर्भावस्था, स्तनपान, किसी बीमारी या दवा चलने की स्थिति में कृपया किसी योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।



