अयविरा जर्नल / सुकून
कुछ पल खुद के लिए: ध्यान के बाद एक कप जीवरस
ध्यान या प्रार्थना के बाद का शांत समय, एक गरम कप के साथ।

ध्यान, प्रार्थना या सुबह की सैर के बाद एक पल ऐसा आता है जब मन शांत होता है और कहीं पहुँचने की जल्दी नहीं होती। उस पल को एक कप चाय बख़ूबी सँभाल लेती है।
शांत मन के लिए गरम कप एक सुंदर विराम है।
ध्यान के बाद की छोटी सी आदत
- अभ्यास के बाद एक-दो मिनट चुपचाप बैठे रहिए।
- धीरे से उठकर चाय बनाइए और हर काम पर ध्यान दीजिए।
- कप को दोनों हाथों में लेकर कुछ गहरी साँसें लीजिए।
- बिना किसी स्क्रीन के, धीरे-धीरे चाय पीजिए।
एक छोटी सी बात
इस आदत को रोज़ एक ही वक़्त पर निभाने की कोशिश कीजिए। कुछ ही दिनों में यह आपके दिन का सबसे प्यारा हिस्सा बन सकती है।
अयविरा की चाय एक खाद्य उत्पाद है, दवा नहीं। इसका मक़सद किसी बीमारी की पहचान, इलाज या रोकथाम करना नहीं है। सामग्रियों के बारे में यहाँ जो बातें कही गई हैं, वे उनके पारंपरिक इस्तेमाल और प्रकाशित स्रोतों पर आधारित हैं। वे आम जानकारी के लिए हैं, हमारी चाय के बारे में सेहत से जुड़े दावे नहीं हैं। गर्भावस्था, स्तनपान, किसी बीमारी या दवा चलने की स्थिति में कृपया किसी योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।



